प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त पढ़ेंगे 96 हजार बच्चे, सरकारी स्कीम से होगी मुफ्त पढ़ाई RTE Admission 2026-27

RTE Admission 2026-27: शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए इस बार अभिभावकों ने रिकार्ड संख्या में आवेदन किए हैं। सत्र 2026-27 के पहले चरण में कुल 2,61,501 आवेदन आए। इनमें से 96 हजार बच्चों के नाम लाटरी के जरिये चयनित किए गए हैं।

इन बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए सीट आवंटित कर दी गई है। सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को 20 फरवरी तक चयनित बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जो अभिभावक पहले चरण में आवेदन नहीं कर पाए, उनके लिए अभी दो और मौके हैं।

दूसरा चरण 21 फरवरी से सात मार्च तक चलेगा। तीसरा चरण 12 मार्च से 25 मार्च तक होगा। विभाग ने 29 मार्च तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा है। आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित हैं।

रिकॉर्ड आवेदन से बढ़ी उम्मीदें

शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में दाखिले को लेकर इस बार अभिभावकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। सत्र 2026-27 के पहले चरण में कुल 2,61,501 आवेदन प्राप्त हुए, जो पिछले वर्षों की तुलना में अधिक बताए जा रहे हैं।

यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि समाज के कमजोर और वंचित वर्ग के परिवार अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए अब अधिक जागरूक हो रहे हैं।

96 हजार बच्चों का लॉटरी से चयन

पहले चरण में आए आवेदनों में से 96,000 बच्चों का चयन लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है। चयन पूरी तरह पारदर्शी प्रणाली से किया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।

चयनित बच्चों को निजी स्कूलों में सीट आवंटित कर दी गई है। अब संबंधित स्कूलों और जिला शिक्षा विभाग को नामांकन की प्रक्रिया पूरी करनी है।

20 फरवरी तक नामांकन के निर्देश

सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे 20 फरवरी तक चयनित बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करें। इस दौरान अभिभावकों को आवश्यक दस्तावेज स्कूल में जमा कराने होंगे। यदि समय पर दस्तावेज पूरे नहीं किए गए तो सीट किसी अन्य बच्चे को आवंटित की जा सकती है। इसलिए चयनित अभिभावकों के लिए समय सीमा का पालन करना बेहद जरूरी है।

छूटे हुए अभिभावकों के लिए दूसरा मौका

जो अभिभावक पहले चरण में आवेदन नहीं कर पाए, उनके लिए विभाग ने दो और अवसर प्रदान किए हैं।

दूसरा चरण 21 फरवरी से 7 मार्च तक चलेगा। इस अवधि में नए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

इसके बाद तीसरा चरण 12 मार्च से 25 मार्च तक आयोजित होगा। विभाग का लक्ष्य है कि 29 मार्च तक पूरी प्रवेश प्रक्रिया समाप्त कर दी जाए।

25 प्रतिशत सीटें आरक्षित (RTE 25% Quota)

आरटीई कानून के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं। इस प्रावधान का उद्देश्य समाज के उन बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, जो सामान्य परिस्थितियों में निजी विद्यालयों की फीस वहन नहीं कर सकते। सरकार इन सीटों की फीस की प्रतिपूर्ति स्कूलों को निर्धारित नियमों के अनुसार करती है।

आवेदन प्रक्रिया और पात्रता

RTE के तहत आवेदन करने के लिए अभिभावकों को निर्धारित आय सीमा और अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करना होता है।

ऑनलाइन आवेदन के दौरान आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और बच्चे की आयु से संबंधित दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। लॉटरी प्रक्रिया पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड प्रणाली से होती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।

अभिभावकों की बढ़ती जागरूकता

इस बार रिकॉर्ड आवेदन से यह साफ है कि अभिभावकों में RTE योजना को लेकर जागरूकता बढ़ी है। सरकारी अभियानों और डिजिटल प्रक्रिया के कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में आवेदन की संख्या और बढ़ सकती है।

स्कूलों की जिम्मेदारी

निजी स्कूलों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे चयनित बच्चों के प्रवेश में किसी प्रकार की बाधा न डालें। यदि कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इस योजना का उद्देश्य केवल सीट भरना नहीं, बल्कि बच्चों को समान अवसर प्रदान करना है।

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