22वीं किस्त से पहले 19 लाख किसानों के नाम कटे, पीएम किसान योजना को लेकर सरकार का बड़ा एक्शन PM Kisan Update 2026

PM Kisan Update 2026: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi) की शुरुआत साल 2019 में आधिकारिक तौर पर हुई थी। पीएम किसान योजना का मकसद देश के किसानों को आर्थिक मदद देना है। इस योजना के तहत हर साल किसानों के बैंक अकाउंट में 6,000 रुपये सरकार द्वारा भेजे जाते हैं। अभी तक पीएम किसान की 21 किस्त जारी की गई हैं और अब किसानों को 22वीं किस्त का इंतजार है।

योजना की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को केंद्र सरकार ने किसानों की आय में सहारा देने के उद्देश्य से शुरू किया था। साल 2019 में लॉन्च हुई इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह रकम तीन बराबर किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को खेती से जुड़े खर्चों में मदद देना है। बीज, खाद, सिंचाई और अन्य जरूरी जरूरतों के लिए यह राशि एक अहम सहारा मानी जाती है। पिछले कुछ वर्षों में यह योजना देश के लगभग 9 करोड़ किसानों तक पहुंच चुकी है।

अब तक 21 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और किसान बेसब्री से 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन इस बार किस्त आने से पहले कई राज्यों में नाम कटने और भुगतान रुकने की खबरों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

22वीं किस्त से पहले क्यों बढ़ी चिंता

22वीं किस्त को लेकर देशभर में उत्सुकता बनी हुई है। हर बार की तरह इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि त्योहारों से पहले किसानों को राहत दी जा सकती है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।

सूत्रों के अनुसार होली से पहले 22वीं किस्त को लेकर घोषणा संभव है। लेकिन इससे पहले कई राज्यों में बड़े स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। इसी प्रक्रिया के दौरान हजारों नहीं बल्कि लाखों किसानों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं या उनकी किस्त रोक दी गई है। यह स्थिति खासकर उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे बड़े कृषि राज्यों में ज्यादा देखने को मिली है।

यूपी में 19 लाख किसानों की किस्त रुकी

हाल ही में सामने आई जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में करीब 19 लाख किसानों की किस्त रोक दी गई है। यह संख्या काफी बड़ी है और इससे साफ है कि सरकार सत्यापन को लेकर सख्त रुख अपना रही है।

इसी तरह राजस्थान में भी कई लाख किसानों की किस्त पर रोक लगाई गई है। किसानों के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि आखिर उनके नाम क्यों हटाए जा रहे हैं। क्या कोई तकनीकी गड़बड़ी है या फिर नियमों में बदलाव? सरकार ने इस पर साफ किया है कि नाम हटाने या किस्त रोकने के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं।

संदिग्ध मामलों की पहचान

सरकार के संबंधित विभाग ने ऐसे कई मामलों की पहचान की है जो योजना की गाइडलाइन के अनुसार अपात्रता के दायरे में आ सकते हैं। इन मामलों को फिलहाल सत्यापन के लिए चिन्हित किया गया है। जब तक पूरी जांच नहीं हो जाती, तब तक संबंधित किसानों की किस्त अस्थायी रूप से रोक दी जाती है।

सरकार का कहना है कि योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलना चाहिए जो नियमों के अनुसार पात्र हैं। इसलिए अब डेटा का मिलान, जमीन के रिकॉर्ड की जांच और परिवार के सदस्यों की जानकारी की पुष्टि की जा रही है।

किन तीन कारणों से रुक रही किस्त

सरकार ने जिन तीन प्रमुख कारणों का जिक्र किया है, वे इस प्रकार हैं:

  1. 01-02-2019 के बाद जमीन का स्वामित्व प्राप्त करना – ऐसे मामलों में जांच की जा रही है कि जमीन योजना की पात्रता शर्तों के अनुरूप है या नहीं।
  2. एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्य लाभ ले रहे हों – यदि पति-पत्नी दोनों या परिवार का वयस्क और नाबालिग सदस्य योजना का फायदा ले रहा है, तो इसे नियमों के खिलाफ माना जा सकता है।
  3. दस्तावेजों या रिकॉर्ड में गड़बड़ी – जमीन का रिकॉर्ड, आधार लिंकिंग या बैंक खाते में त्रुटि पाए जाने पर भी किस्त रोकी जा सकती है।

इन मामलों को अंतिम रूप से अपात्र घोषित नहीं किया गया है। बल्कि सत्यापन पूरा होने तक अस्थायी रोक लगाई गई है।

अस्थायी रोक और फिजिकल वेरिफिकेशन

जिन किसानों के नाम चिन्हित किए गए हैं, उनकी किस्त फिलहाल अस्थायी रूप से रोकी गई है। यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) पूरा नहीं हो जाता।

इस प्रक्रिया में संबंधित अधिकारियों द्वारा जमीन के रिकॉर्ड और लाभार्थी की जानकारी का मिलान किया जाता है। कई जगहों पर गांव स्तर पर जांच की जा रही है।

सरकार का कहना है कि अगर जांच में किसान पात्र पाया जाता है तो उसकी रुकी हुई किस्त जारी कर दी जाएगी। इसलिए किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि अपनी जानकारी सही और अपडेट रखना जरूरी है।

किसान कैसे करें अपनी स्थिति की जांच (Know Your Status KYS)

सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे खुद अपनी पात्रता की स्थिति की जांच करें। इसके लिए PM Kisan की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर Know Your Status (KYS) सुविधा उपलब्ध है।

किसान अपने रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर के जरिए यह देख सकते हैं कि उनकी किस्त जारी हुई है या रुकी हुई है। इसके अलावा Kisan eMitra चैटबॉट के माध्यम से भी जानकारी ली जा सकती है। यह डिजिटल सुविधा किसानों के लिए काफी मददगार साबित हो रही है। यदि कोई त्रुटि पाई जाती है तो किसान संबंधित कृषि विभाग या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से संपर्क कर सकते हैं।

22वीं किस्त कब आएगी

देश के करीब 9 करोड़ किसानों को 22वीं किस्त का इंतजार है। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि त्योहारों से पहले सरकार राहत दे सकती है।

पिछले पैटर्न को देखें तो अक्सर किस्त कुछ खास अवसरों या बड़े कार्यक्रमों के दौरान जारी की जाती है। ऐसे में उम्मीद है कि जल्द ही तारीख की घोषणा हो सकती है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने बैंक खाते और आधार लिंकिंग की स्थिति जांच लें, ताकि भुगतान में कोई अड़चन न आए।

बिहार के किसानों को मिलेगा 9000 रुपये

इस बीच बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। घोषणा के मुताबिक अब बिहार के किसानों को सालाना कुल 9,000 रुपये मिलेंगे। इसका मतलब है कि हर किस्त में 2,000 रुपये की जगह 3,000 रुपये मिल सकते हैं। यह अतिरिक्त सहायता राज्य सरकार की ओर से दी जाएगी।

इस फैसले से बिहार के किसानों को सीधा फायदा मिलेगा और उनकी सालाना आय में बढ़ोतरी होगी। हालांकि इसके क्रियान्वयन और प्रक्रिया को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द जारी होने की संभावना है।

फार्मर आईडी अब जरूरी

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि फार्मर आईडी बनवाना अनिवार्य है। 22वीं किस्त पाने के लिए यह जरूरी शर्तों में शामिल कर दिया गया है। देश के कई हिस्सों में फार्मर आईडी बनाने के लिए विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं। किसान अपने नजदीकी केंद्र पर जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। अगर आपने अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनवाई है, तो जल्द से जल्द यह काम पूरा कर लें। क्योंकि बिना आईडी के किस्त अटक सकती है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

इस पूरे घटनाक्रम के बीच किसानों के लिए सबसे जरूरी बात है कि वे घबराएं नहीं। अपनी जमीन का रिकॉर्ड अपडेट रखें, आधार और बैंक खाते की जानकारी सही रखें और समय-समय पर वेबसाइट पर अपनी स्थिति जांचते रहें। यदि आपका नाम सूची से हटाया गया है या किस्त रुकी है तो संबंधित विभाग से संपर्क करें और आवश्यक दस्तावेज जमा कर सत्यापन प्रक्रिया पूरी कराएं। सरकार का उद्देश्य योजना को पारदर्शी बनाना है ताकि सही लाभार्थी तक ही सहायता पहुंचे।

Leave a Comment