हरियाणा में आधी रात विभागों का बंटवारा, जाने किस मंत्री को मिला है कौनसा महकमा Haryana Cabinet Portfolio 2026

Haryana Cabinet Portfolio 2026: हरियाणा के मंत्रियों को रविवार आधी रात विभाग आवंटित कर दिए गए । पूर्व मनोहर सरकार के दौरान विवाद का विषय रहा सीआईडी विभाग मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपने पास रखा है। प्रोटोकॉल के अनुसार मुख्यमंत्री के बाद अनिल विज नंबर दो पर हैं लेकिन उन्हें औसत विभाग दिए गए हैं। अरविंद शर्मा, महिपाल ढांडा, राव नरबीर को चार-चार विभाग आंवटित किए गए हैं।

आधी रात जारी हुई अधिसूचना

हरियाणा सरकार की रविवार रात 11.55 बजे जारी अधिसूचना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। नई सरकार में मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा औपचारिक रूप से घोषित कर दिया गया। इस सूची में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपने पास कितने विभाग रखे और किसे कितनी जिम्मेदारी मिली। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विभागों का आवंटन केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं होता, बल्कि इससे सरकार के भीतर शक्ति संतुलन का संकेत भी मिलता है।

CM नायब सैनी के पास 12 विभाग

अधिसूचना के अनुसार मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपने पास कुल 12 अहम विभाग रखे हैं। इनमें गृह विभाग, वित्त विभाग, आबकारी एवं कराधान, योजना विभाग, नगर एवं ग्राम नियोजन, शहरी संपदा, सूचना एवं जनसंपर्क, भाषा-संस्कृति, अभियोजन, सामान्य प्रशासन, हाउसिंग फॉर ऑल, सीआईडी, कार्मिक एवं प्रशिक्षण, कानून एवं विधायी विभाग शामिल हैं। इसके अलावा जो विभाग किसी अन्य मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं, वे भी मुख्यमंत्री के पास रहेंगे। इससे साफ है कि प्रशासनिक और वित्तीय दृष्टि से महत्वपूर्ण मंत्रालय सीधे मुख्यमंत्री के नियंत्रण में रहेंगे।

CID विभाग फिर CM के पास

पूर्व की मनोहर सरकार के दौरान सीआईडी विभाग विवादों में रहा था। इस बार मुख्यमंत्री ने इसे अपने पास रखकर साफ संकेत दिया है कि आंतरिक सुरक्षा और खुफिया तंत्र पर सीधा नियंत्रण बनाए रखा जाएगा। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि गृह और सीआईडी दोनों विभाग अपने पास रखना मुख्यमंत्री की मजबूत पकड़ को दर्शाता है।

अनिल विज को मिले परिवहन, श्रम और ऊर्जा

प्रोटोकॉल के अनुसार मुख्यमंत्री के बाद वरिष्ठता में दूसरे स्थान पर माने जाने वाले अनिल विज को परिवहन विभाग, श्रम विभाग और ऊर्जा विभाग दिए गए हैं। हालांकि राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उन्हें अपेक्षाकृत औसत मंत्रालय दिए गए हैं। विज लंबे समय से राज्य की राजनीति में सक्रिय हैं, इसलिए विभागों के बंटवारे को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है।

चार-चार विभाग पाने वाले मंत्री

सरकार में कुछ मंत्रियों को एक साथ चार-चार विभाग दिए गए हैं। अरविंद शर्मा को सहकारिता, जेल, चुनाव और विरासत एवं पर्यटन विभाग सौंपे गए हैं। महिपाल ढांडा को शिक्षा एवं उच्च शिक्षा, संसदीय कार्य और अभिलेखागार विभाग की जिम्मेदारी मिली है। वहीं राव नरबीर को उद्योग एवं वाणिज्य, पर्यावरण एवं वन, विदेश सहयोग और सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग दिए गए हैं। इन विभागों के जरिए औद्योगिक विकास और पर्यावरण संतुलन जैसे अहम विषयों पर सरकार की नीति तय होगी।

पंचायत, विकास और राजस्व की जिम्मेदारी

कृष्ण लाल पंवार को पंचायत एवं विकास, खान एवं भूविज्ञान विभाग दिए गए हैं। ग्रामीण विकास और खनन नीति उनके जिम्मे रहेगी। विपुल गोयल को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, शहरी स्थानीय निकाय और नागरिक उड्डयन विभाग सौंपे गए हैं। यह विभाग राज्य के शहरी ढांचे और आपदा प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

कृषि, पशुपालन और जन स्वास्थ्य

श्याम सिंह राणा को कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन एवं डेयरी, मछली पालन विभाग दिए गए हैं। राज्य की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है, इसलिए यह मंत्रालय बेहद अहम है। रणबीर गंगवा को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी और लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी मिली है। सड़क और पानी से जुड़े प्रोजेक्ट उनके अधीन रहेंगे।

सामाजिक न्याय और महिला विकास

कृष्ण बेदी को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण, अंत्योदय (सेवा), आतिथ्य और वास्तुकला विभाग सौंपे गए हैं। श्रुति चौधरी को महिला एवं बाल विकास और सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं आरती राव को स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान और आयुष विभाग सौंपे गए हैं।

राज्य मंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार

राजेश नागर को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले (स्वतंत्र प्रभार) और मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग दिया गया है। गौरव गौतम को युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता (स्वतंत्र प्रभार) और खेल विभाग (स्वतंत्र प्रभार) सौंपा गया है। साथ ही उन्हें कानून एवं विधायी विभाग में मुख्यमंत्री के साथ जोड़ा गया है।

शक्ति संतुलन का संकेत

विभागों के इस बंटवारे से साफ है कि मुख्यमंत्री ने वित्त, गृह और सीआईडी जैसे अहम विभाग अपने पास रखकर सत्ता का केंद्र अपने हाथ में रखा है। वहीं अन्य मंत्रियों को क्षेत्रीय और विकास से जुड़े मंत्रालय देकर संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले समय में इन विभागों के कामकाज से सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट होंगी।

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