बोर्ड परीक्षाओ के बीच सीबीएसई बोर्ड ने जारी किया अलर्ट, 10वीं और 12वीं स्टुडेंट्स को बोली ये बातें CBSE Board Exam 2026

CBSE Board Exam 2026: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सी.बी.एस.ई.) 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होते ही सोशल मीडिया पर सक्रिय असामाजिक तत्वों ने ‘पेपर लीक’ जैसी भ्रामक जानकारियां फैलाकर विद्यार्थियों और अभिभावकों की परेशानी बढ़ा दी है। इस स्थिति को देखते हुए सी.बी.एस.ई. ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी कर सभी को सतर्क रहने की सलाह दी है।

सी.बी.एस.ई. की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से आरंभ हो चुकी हैं। आंकड़ों के अनुसार, इस बार देश-विदेश के परीक्षा केंद्रों पर 43 लाख से अधिक विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं। 10वीं क्लास की परीक्षाएं 11 मार्च तक और 12वीं क्लास की परीक्षाएं 9 अप्रैल तक चलेंगी। विद्यार्थियों की इसी बड़ी संख्या का फायदा उठाकर कुछ शरारती तत्व यूट्यूब, व्हॉट्सएप, टैलीग्राम, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स (पुराना ट्विटर) जैसे प्लेटफॉर्म्स का सहारा लेकर फर्जी खबरें फैला रहे हैं।

बोर्ड परीक्षाओं के बीच बढ़ी अफवाहें

सीबीएसई (CBSE) की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होते ही सोशल मीडिया पर “पेपर लीक” की अफवाहों ने तेजी पकड़ ली है। 43 लाख से ज्यादा छात्रों के परीक्षा में शामिल होने के कारण यह मामला बेहद संवेदनशील बन गया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कुछ लोग जानबूझकर भ्रम फैलाकर छात्रों और अभिभावकों को गुमराह कर रहे हैं।

कब तक चलेंगी परीक्षाएं?

इस वर्ष 10वीं कक्षा की परीक्षाएं 11 मार्च तक और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 9 अप्रैल तक चलेंगी। देश और विदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर छात्र परीक्षा दे रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए परीक्षा व्यवस्था को लेकर सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

कैसे फैलती हैं फर्जी खबरें?

बोर्ड द्वारा जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि असामाजिक तत्व पुराने प्रश्नपत्रों को एडिट कर या फर्जी पीडीएफ बनाकर उन्हें “असली पेपर” बताकर वायरल कर देते हैं। यूट्यूब, व्हॉट्सएप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म्स पर यह सामग्री तेजी से फैलती है। ऐसी खबरें छात्रों के मन में डर और तनाव पैदा करती हैं, जिससे उनका ध्यान पढ़ाई से भटक सकता है।

आईटी एक्ट के तहत होगी कार्रवाई

सीबीएसई ने चेतावनी दी है कि गलत सूचना फैलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड ने साफ कहा है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। दोष साबित होने पर भारी जुर्माना और जेल की सजा का भी प्रावधान है।

क्वैश्चन पेपर्स की हाई-टेक सुरक्षा

बोर्ड ने भरोसा दिलाया है कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू है। प्रिंटिंग से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षित ट्रांसपोर्ट सिस्टम के तहत होती है। इससे पेपर लीक की संभावना बेहद कम हो जाती है।

छात्रों को क्या करना चाहिए?

सीबीएसई ने छात्रों को कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:

  • सोशल मीडिया पर दिखने वाली किसी भी पेपर लीक सूचना पर तुरंत विश्वास न करें।
  • बिना जांचे-परखे किसी भी संदेश को आगे फॉरवर्ड न करें।
  • केवल CBSE की आधिकारिक वेबसाइट और प्रमाणिक स्रोतों पर भरोसा करें।
  • किसी भी संदेह की स्थिति में सीबीएसई क्षेत्रीय कार्यालय या मुख्यालय से संपर्क करें।

अभिभावकों की भूमिका भी अहम

बोर्ड ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को अफवाहों से दूर रखें और उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाएं। परीक्षा के दौरान बच्चों का आत्मविश्वास बनाए रखना बेहद जरूरी है।

क्यों फैलती हैं ऐसी अफवाहें?

विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा के समय छात्रों में तनाव ज्यादा होता है। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग ट्रैफिक बढ़ाने या आर्थिक लाभ के लिए फर्जी खबरें फैलाते हैं। इस तरह की गतिविधियां न केवल गैरकानूनी हैं, बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी करती हैं।

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