Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य को भारतीय इतिहास के सबसे बुद्धिमान रणनीतिकारों में गिना जाता है। उन्होंने केवल राजनीति ही नहीं, बल्कि जीवन के हर पहलू पर गहरी समझ दी। उनकी चाणक्य नीति आज भी लोगों को सही और गलत की पहचान सिखाती है।
चाणक्य का मानना था कि जीवन में सफलता पाने के लिए सही लोगों पर भरोसा करना जितना जरूरी है। उतना ही जरूरी है गलत लोगों से दूरी बनाना। क्योंकि गलत व्यक्ति पर किया गया विश्वास आपके जीवन को कठिन बना सकता है।
श्लोक का अर्थ और संदेश
“नखीनां च नदीनां च शृंगीणां शस्त्रपाणिनाम्।
विश्वासो नैव कर्तव्यो स्त्रीषु राजकुलेषु च ।।”
इस श्लोक में आचार्य ने साफ कहा है कि कुछ चीजें और कुछ लोग ऐसे होते हैं। जिन पर आंख बंद कर भरोसा नहीं करना चाहिए। यह केवल शब्द नहीं, बल्कि एक गहरी जीवन सीख है। उनका संदेश था कि जहां खतरे की संभावना हो, वहां सावधानी जरूरी है।
हिंसक प्राणियों से सावधान
चाणक्य कहते हैं कि बड़े नाखूनों वाले हिंसक जानवर, जैसे शेर या चीता, कब हमला कर दें, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। यह केवल जानवरों की बात नहीं है। बल्कि ऐसे लोगों की ओर इशारा है जो बाहर से शांत दिखते हैं लेकिन भीतर से आक्रामक हो सकते हैं। ऐसे लोगों से दूरी रखना ही समझदारी है।
विशाल नदियों का उदाहरण
चाणक्य ने बड़ी और तेज बहने वाली नदियों का भी उदाहरण दिया। जिन नदियों के तट मजबूत नहीं होते, वे कभी भी अपना रास्ता बदल सकती हैं और तबाही मचा सकती हैं। इसका अर्थ है कि जो परिस्थितियां या लोग स्थिर नहीं हैं, उन पर पूरी तरह भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है।
बड़े सींग वाले पशु और उनका संकेत
बड़े सींग वाले पशु अचानक आक्रामक हो सकते हैं। उनका स्वभाव कब बदल जाए, कोई नहीं जानता। यह संदेश देता है कि कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनका व्यवहार अचानक बदल सकता है। ऐसे व्यक्तियों से दूरी बनाए रखना ही बेहतर है।
हथियार रखने वाले व्यक्ति
चाणक्य नीति में कहा गया है कि जिस व्यक्ति के पास शस्त्र या हथियार हो, उस पर भी पूरी तरह विश्वास नहीं करना चाहिए। ऐसा व्यक्ति गुस्से में आकर कभी भी आक्रामक हो सकता है। यहां हथियार केवल भौतिक नहीं, बल्कि शक्ति और अधिकार का भी प्रतीक है। जिनके पास ताकत होती है, वे कभी-कभी उसका गलत उपयोग कर सकते हैं।
चंचल स्वभाव वाले लोगों से सावधानी
चाणक्य ने चंचल स्वभाव वाले लोगों से भी दूरी बनाने की सलाह दी। उनका मानना था कि जो व्यक्ति स्थिर विचारों वाला नहीं है, वह कभी भी आपके खिलाफ खड़ा हो सकता है। यह सीख आज के समय में भी उतनी ही प्रासंगिक है। रिश्तों और दोस्ती में स्थिरता और भरोसा सबसे महत्वपूर्ण होता है।
राजकुल और सत्ता के करीबियों से दूरी
चाणक्य ने यह भी कहा कि राजा के करीबियों पर भी आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। सत्ता के आसपास रहने वाले लोग अपने स्वार्थ के लिए किसी का भी नुकसान कर सकते हैं। आज के दौर में यह बात उन लोगों पर लागू होती है जो ताकत और प्रभाव के केंद्र के करीब होते हैं। ऐसे लोगों से व्यवहार करते समय सावधानी जरूरी है।
आज के समय में चाणक्य नीति का महत्व
भले ही यह नीति सदियों पहले लिखी गई हो, लेकिन इसका महत्व आज भी बना हुआ है।
- गलत दोस्ती से बचना
- स्वार्थी लोगों की पहचान करना
- शक्ति और प्रभाव वाले व्यक्तियों से सावधानी रखना
ये सभी बातें आज के समाज में भी उतनी ही जरूरी हैं।